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वो शाम तक घर आ गये थे। उनके आने पर मुझे बहुत अच्छा लगा। सच पूछो तो अनजाने में मेरे दिल में खुशी की फ़ुलझड़ियाँ छूटने लगी थी। उनके खुशनुमा मिजाज के कारण समय अच्छा निकलने लगा। उन्हें आये हुये दो दिन हो चुके थे और मुझसे वो बहुत घुलमिल गये थे। उन्हें देख कर मेरी सोई हुई वासना जागने लगी थी। मुझे तो लगा था कि जैसे वो अब कहीं नहीं जायेंगे।

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