“हाय जो. . . मर गयी, राम रे. . . कितना मज़ा आ रहा है. . . कैसा घुस रहा है चूत में. . . ”
“श्शशऽऽऽ मत बोलो कुछ भी. . . . . . ” वो फ़ुसफ़ुसाया। उसकी फ़ुसफ़ुसाहट वाली आवाज़ मुझे अनजानी सी लगी. . . फिर लगा कि जो ने ज्यादा पी ली होगी। उसका लण्ड मेरी चूत में अन्दर-बाहर आता जाता बहुत ही आनन्द दे रहा था। उसके चूतड़ गज़ब की तेज़ी से चल रहे थे.