कमरे में अंधेरा ही था पर चूँकि जो के कमरे की लाईट जल रही थी इसलिये अच्छी रोशनी आ रही थी। “अब नहीं. . . अब तो मैं पूरी तरह से झड़ गयी हूँ. . . ”
“क्याऽऽऽ. . . . . . बिना किए ही. . . क्या सपने में चुदाई की थी। ” जो हैरानी से पूछ रहा था। मैं बिस्तर से उठ बैठी और जो को प्यार से मुक्का मारा. . . ” इतना तो चोदा.