. . और कह रहे हो सपने मे. . . ये पकडो तुम्हारा रूमाल. . . ”
“ये मेरा नहीं है. . . पर तुम्हारी बात समझ में नहीं आई. . . ”
“हाय मेरे जो. . . समझ गयी. . . चलो हो जाये एक दौर और. . . तुमने कपड़े कब पहन लिए. . . जानते हो इन १५ मिनट में तो तुमने मुझे निहाल कर दिया। ”
“अरे मैं तो जो जो सुन कर यहाँ आया था.