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. . मैं लपक कर विक्रम के कमरे में गई. . . वो दोनों भी बिस्तर पर नंगे गहरी नींद में सो रहे थे. . . ”

क्या मैं सपना देख रही थी. . . तो फिर वो रूमाल. . . मैंने चूत में हाथ डाल कर देखा. . . हल्का सा दर्द अब भी था. . . सवेरा हो चुका था. . . मन में उलझन बढ़ रही थी. . . जो बार-बार कह रहा था कि उसे एक मौका दे दो.

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