वह बोली- पैंटी से बहुत खेल चुके ! अब बुर से खेलो !
क्या लाल बुर थी साली की ! और थोड़े थोड़े बाल थे ! मस्त सेक्सी लग रही थी। मैंने अपना मुँह उसकी बुर पर रख दिया और चाटना शुरु कर दिया। वो सिसकारिययाँ लेने लगी- और चाट साले, पीले अपनी सास की बुर !
मैं लगातार बुर चाटता रहा। इतने में बोली- मुझे पेशाब करना है !
मैंने कहा- रुको ! मेरे मुँह में करो !
वो बोली- क्यों ?
मैंने कहा- मैं पी लूँगा !
वो बोली- साले, मेरा पेशाब पीयोगे?
मैंने कहा- हाँ, मैं बुर के पास मुँह रखता हूँ, तुम करो !
उसने पेशाब करना शुरु किया, मैं पूरा पेशाब पी गया और कहा- मज़ा आ गया !
वो बोली- कैसा था ?
मैंने कहा- बहुत स्वादिष्ट !
मैंने उसकी बुर चाट कर साफ कर दी और उसमें उंगली डाल कर हिलाने लगा।