मुझे वहाँ खड़ा देख थोड़ी दूर खड़ा हो गया, सिगरेट ज़ला कर !
मैंने सोचा- चल इसको रिझाता हूँ !
उसकी तरफ पीठ कर मैं लोअर के ऊपर से गांड पर हाथ फेरने लगा। यह करता हुआ मैं एक झाड़ी की तरफ चला आया, साइकिल लॉक करके वो भी टहलता हुआ वहीं आ गया, लेकिन थोडा डर रहा था। मैंने दुबारा वैसे किया, फिर लोअर नीचे सरका दिया, नंगी गांड पर हाथ फेरने लगा, दोनों चूतड़ फैला उसके सामने छेद पर थूक लगा ऊँगली चलाने लगा।