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क्या गोरी-गोरी चूचियाँ थी उसकी और क्या गुलाबी चुचूक थे उसके ! गरीब के घर अप्सरा पैदा हुई थी ! मैं तो जन्नत में आ गया था !

वो हंस-हंस कर मुझे छोड़ने को कह रही थी मगर मैं उसके चुचूक को चूसने लगा और खूब चूसा, और होंठों पर भी जोर से चूम रहा था। धीरे-धीरे उसका विरोध ख़त्म हो रहा था ! अब वो चुपचाप मेरा साथ देने लगी, मज़ा लेने लगी।

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