मुझे इतने दिन इस नायाब तजुर्बे से महरूम रखा आपने?”
आँटी मुस्कुराते हुए बोलीं, “इस तरह के मामलों में काफी एहतियात बरतनी पड़ती है… और सिर्फ़ तुम ही हो जिसे मैंने अपने इस हसीन राज़ में शरीक़ किया है… लेकिन अभी तुमने असली मज़ा लिया ही कहाँ है… शेरू का लंड चूत में नहीं लोगी क्या?”
“लूँगी क्यों नहीं… मेरी चूत तो बेकरार है शेरू के लंड से चुदने के लिये… लेकिन शेरू तो जस्ट अभी-अभी फारिग हुआ है…!” मैं तड़पते हुए बोली।