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दस-बारह मिनट मेरी चूत ठोकने के बाद आसिफ़ ने लण्ड बाहर खींचा और कहा- चल चूस अब इसको। मैं हिचक रही थी क्योंकि लण्ड पर मेरे चूत का गीलापन लगा हुआ था। एक बार चेहरा पास ले गई पर मन न हुआ, बोली- इसमें से कैसी खट्टी सी बू आ रही है। आसिफ़ हँसा-“अबे, यह बू ही तो खुशबू है, बताया था न तुझे। और यह खट्टी बू तेरी ही मस्त चूत की है।

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