खुशी और आनन्द के मारे मैं चीख उठी…। “मेरे राजा …… मजा आ गया … पूरा घुसेड़ दो अपना लन्ड… हाऽऽऽऽय…”
उत्तर में विजय ने मेरी दोनों चूंचिया दोनों हाथों से दबा दी। और अपनी तेजी बढा दी। उसका लन्ड इंजिन के पिस्टन की तरह फ़काफ़क अन्दर बाहर चलने लगा। स्तनो को अच्छी तरह से दबा कर चोद रहा था। “मर गयी राजा …… चोद दे रे…हाय ओऽऽऽऽऽऽह … मां चोद दे मेरी …… ”
“हां ……मेरी रानी …… तुझे छोड़ूगा नहीं … पूरा चोद डालूंगा……मेरी कुतिया…”
“हां रे ऽऽऽऽ… मेरी चूत का भोसड़ा बना दे …मेरे राजा… हाय रे…… ”
“आऽऽऽऽऽह्ह्ह्ह …… रे…तेरी चूत मारूं… बहन चोद… कुतिया……रन्डी……ले…और ले…लन्ड्…”
“राजा ……चूत फ़ाड़ डाल …… मां के लौड़े … मार लन्ड को चूत पे… तेरी भोसड़ी…के ”
दोनो तरफ़ से वासना भरी गालियों की बौछारों के बीच चुदाई चरमसीमा पर पहुन्च रही थी।