About:

मैं उन्हें कभी चूमता, कभी चाटता, कभी चुचूक खींचता, कभी दबाता. . . मेरे दोनों हाथ भी कभी इधर तो कभी उधर मजा ले रहे थे। करीब दस मिनट की चुम्मा-चाटी के बाद मैंने रागिनी की पैन्टी उसकी कमर से खिसकाई, तो उसकी झाँटों भरी बुर के दर्शन हुए। मैंने रागिनी की झाँटों पर हाथ फ़ेरा। उसकी झाँट करीब आधा-पौन इंच की थी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*