तुम भी तो नीचे बैठ कर थक गई होगी। रागिनी ने फ़िर से मेरे लण्ड को मुँह में डाला और शुरू हो गई। मैं अब सानिया साली को उसके हाल पर छोड़ रागिनी से मजे लेने की मूड में आने लगा था। मेरे मुँह से अनायास निकलने लगा- वाह स्वीटी, बहुत खूब. . . . , अच्छा चूसती हो लण्ड, मजा आ गया. . . । रागिनी ने भी लण्ड मुँह से बाहर करके कहा- थैक्यू, अंकल !
और फ़िर से चूसने लगी।