वो एकटक मुझे निहार रहा था। मैंने कहा-“क्या देख रहे हो जीजू…मुझे कभी देखा नहीं क्या?”
“हां. . पर ऐसी मुग्धा नहीं . . . . . ” वो मुस्कुरा उठा। “. . नहीं जीजू . . . . . . . तुम आज कुछ अलग लग रहे हो. . . ”
” तुम कितनी सुन्दर लग रही हो आज. . ”
“हाय जीजू . . . ऐसे मत बोलो ना. . ”
“सच कह रहा हूं . . .