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अचानक रमेश के धक्के तेज होने लगे……… उसकी सिस्कारियां बढने लगी। मैं समझ रही थी कि उसका वीर्य स्खलित होने वाला है। मुझे उससे पहले झड़ना था। मैने अपने पांव अन्दर दबाते हुये अपनी चूत को टाईट कर ली, जिससे लन्ड का घर्षण तेज हो गया, और मेरा पानी छूटने लगा। मैं आहिस्ता आहिस्ता झड़ने लगी। पर इसका असर ये भी हुआ कि उसके लन्ड ने भी अपना लावा उगल दिया।

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