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वो कसमसाई !

आधी उंगली डाल कर मैंने बाहर खींच ली। मेरा लंड उसकी गोरी गांड मारने को मरा जा रहा था, मेरे सर पर राधा का जादू छा चुका था ! गांड से उंगली निकाल कर मैंने अपने मुँह में डाल ली। उसकी गंध उस समय मुझे खुशबू लग रहा थी। बिना देर किये मैं उसकी गांड की दरार पर झुक गया और अपनी जबान उसकी गांड पर फिराने लगा।

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