. सो ही आधा लंड अन्दर गांड में उतर गया . . . . . उसने कोशिश की पर चूतड़ों को टस से मस भी ना कर सकी. . . चिल्ला कर रह गई राधा . . . मैंने गांड के नीचे हाथ लगाया तो कुछ गीला से लगा देखा तो खून निकल आया था। वो रो पड़ी थी पर मैंने उसकी चूचियों सहित सारे गोरे जिस्म को सहलाना जारी रखा . . . ऊंह आंह . . . ऊंह ! वो कराह रही थे पर मुझे जोश दे रही थी !
धीरे-धीरे उसे अच्छा लगने लगा ! फिर वो खुद ही बोली- थोड़ा और कस कर डालो ! अब ठीक लग रहा है !
मैंने झुक कर एक चुम्मी उसके गाल पर ली और गति बढ़ा दी।