बुआ की आँखों में आंसू आ गए थे। मैंने पूछा- बुआ, दर्द हो रहा है क्या ?
“नहीं रे. . तू अपना काम करता रह, मेरे आंसू मत देख. . . ”
मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए। बुआ की चूत बहुत तंग थी। लंड पूरा रगड़ रगड़ कर जा रहा था चूत में। बुआ धीरे धीरे मस्त होती जा रही थी। दर्द की शिकन जो कुछ देर पहले बुआ के चेहरे पर थी वो अब खत्म हो चुकी थी।