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और इसी शर्म का लाभ उठाते हुए मैं उसकी जवान बुर का रस भी पीना चाह्ता था। इसी तरह से कुछ दिन बीत गये और मेंरे मन का ये ड़र निकल गया कि कहीं ये मेंरी हरकतों को घर में मेरी मां या बहन को न बता दे। इस बीच दो-तीन बार भाई का फ़ॊन आया लेकिन उसकी बातों से कहीं नही लगा कि मेंरी गदराई स्वप्न सुंदरी ने उसे इस बारे में कुछ भी बताया हो ।

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