अचानक मुझे लगा कि मेरी चारपाई पर कोई आ गया है। मैंने देखा कि दीदी मेरी चारपाई पर बैठी है और दीदी का हाथ मेरे लण्ड पर रखा हुआ था। मैं बोला- दीदी, आप क्या कर रहे हो ?
दीदी बोली- साले, इतना शरीफ मत बन ! तुझे सब पता है कि मैं क्या कर रही हूँ। दीदी बोली- जब तू मेरे स्तन देख रहा था, तब तू क्या कर रहा था?
मैं बोला- दीदी, वो तो गलती से दिख गए थे !
तो दीदी बोली- साले तू मेरी पैंटी क्यों सूंघ रहा था?
मैं बोला- चलो छोड़ो, अब तो मज़े ले लो !
दीदी बोली- अब आया न लाइन पर !
तो मैंने झट से दीदी के स्तन पकड़ लिए और दबाने लगा।