फिर मैंने अपना लण्ड उनके मुँह में से निकाल कर उनकी चूत में डाल दिया और जोर जोर से झटके मारने लगा। वो बोल रही थी- और जोर से मार !
और सिसकियाँ भरने लगी- आआआआ ऊऊऊऊऊऊओ जोर से मार साले !
तो मैंने उनकी गांड में डाल दिया तो वो बोली- मार दिया कुत्ते ! आराम से मार !
मैंने और जोर से शुरू कर दिया। दीदी बोली- साले, बाहर निकाल ! दर्द हो रहा है !
तो मैं बोला- दीदी, बस थोड़ा और !
दीदी बोली- साले, मेरी गांड फट जायगी !
फिर मैंने बाहर निकाला और चूत में डाल दिया।