मुझे लगा कि अब तो दीदी चली जाएगी और अब मैं किस के साथ सेक्स करूँगा ! मेरा तो मन ही उदास हो गया और मैं जाकर छत पर बैठ गया। कुछ देर बाद दीदी आई और बोली- अभी तो मेरी रिश्ते की बात चल रही है, शादी थोड़ी न हुई है, तू इतना उदास क्यों हो गया?
मैं बोला- दीदी, आज नहीं तो कल आप चली आओगी तो मेरा मन कैसे लगेगा? मैं यहाँ तो सिर्फ आप के लिए आता हूँ, अगर आप ही चली जाओगी तो मैं यहाँ आकर क्या करूँगा?
दीदी बोली- तब की तब देखेंगे, अभी क्यों उदास हो गया? अभी तू अपना मूड ठीक कर ! मैं तेरे लिए जूस लेकर आती हूँ।