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वह मन ही मन उस लिंग के रूप आकार को देखने लगी और यहाँ उसकी योनी गीली होने लगी. अब उसे साफ़ दिख रहा था कि महेश उसके स्तनों को जानवर कि तरह मसल रहा था, काट रहा था और चूस रहा था. उसका लंबा, मोटा और काला लिंग उसकी चूत को फाड रहा था. उसके नीचे पसीने से तार, वह उचक उचक कर उससे चुदवा रही थी. यह सोचते सोचते कब उसकी ऊँगली ने उसे पस्त कर दिया उसे पता ही नहीं चला.

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