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जल्दी से तुम मुझे छोडो, नहीतो मैं अभी जा कर सुंदर से अपनी छूट मर्वाती हूँ. “इन सब बात सुन कर बाबुजी ने कहा, “आरे एह तुमने पहले क्यों नहिबोला, मैं सुबह ही तेरी छूट को छोड़ कर त्र छूट कि गर्मी कोथान्दा कर देता. चल बिस्टर पर लेट कर अपनी तंगो को फैला औरप्नी हाथ से अपनी छूट कि पत्शन को खोल, मैं अभी अपना लुंड तेरिचूत मी डालता हूँ.

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