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मेरा लंड तो और भी खींचा जा रहा था और मेरे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा था कि उसकी चूत का रस चूसते हुए उसके जांघों को खा जाऊं। रानी के गुलाबी बूब मुझको बेचैन कर रहे थे, इसी बीच उसने अपने दोनो हाथ ऊपर को कर दिये तो उसके बूब्स और बगल मुझे और उत्तेजित करने लगे। मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और उसके बूब्स देखकर तो मैं एकदम बेचैन सा हो गया और मैने रानी के बूब्स को मुंह में लेकर उनको चूमना और चाटना शुरु कर दिया।

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