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आज मुझे और रानी को चुदायी में दर्द नही हो रहा था और दोनो ही मस्त थे वह आज बड़ी मस्ती में लग रही थी। मैने रानी की चूत में ऊपर नीचे रगड़म परेड शुरु कर दी और रानी भी अपनी चुदायी करवाने लगी। धीरे धीरे मेरी स्पीड बढ़ गयी तो गन्ने के खेत में जैसे तूफ़ान सा आ गया। मैने चुदायी के साथ साथ रानी के पूरे बदन को चूमना, चाटना, मसलना और रगड़ना भी चालू रखा था।

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