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वा रोज़ मुझे गंदे गंदे इशारे करता था और पास आ कभी कभी चूचि दबा देता और कभी गांड पैर हाथ फैर कहता की रानी बस एक बार चखा दो. आज अपनी छूट मैं उंगली पेल मैं बेताब हो गयी थी. आज उसके आने पैर इतनी मस्ती छ्छाई की बिना चड्डी पहने ही दरवाज़ा खोल दिया. मुझे उसके इशारो से पता चल चक्का थठकी वा मुझे छोड़ना चाहता है.

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