थैंक्यू सर। उसकी यह बात दिल से निकली थी, मैंने उसकी पीठ थपथपाई- सर नहीं अंकल। अब मैं तुम्हारा अंकल हीं हूँ। जब भी परेशानी में रहो, मुझे बताना। मैं पूरी मदद करुँगा। एक-एक बूँद आँसू उसके दोनों गालों पर बह निकले। उसने अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया। 5-6 सेकेण्ड बाद मुस्कुराते हुए हाथ हटाए और बोली- बेटीचोद !
और मेरे गले से लिपट गई।