About:

मैंने उठते हुए जाने की कोशिश करने लगा कि मुझे देर हो जायेगी। मैंने रात का डिनर हमेशा अपने घर पर ही किया था कभी भी बाहर नहीं किया था अगर कभी दोस्त के साथ पार्टी वगैरह में डिनर करता भी था तो घर जाकर कुछ ना कुछ जरूर खाता और कोई ना कोई बहाना बनाकर टाल जाता। इसलिये मेरे घरवाले मुझे एकदम शरीफ लड़का समझते थे।

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