उसने अपना मुँह ढक लिया। मैंने एक चूची को दबाया और दूसरी को मुँह में लेकर चूसने लगा तो वो पागल सी हो गई, उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी। मैंने बारी बारी से दोनों चूचियों को चूसा। आज बड़ा जोश आ रहा है?
मैं बोला- तुमने इतने दिन जो तड़पाया है !
अच्छा तो बदला ले रहे हो?
हाँ !
और उसकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा।