तभी दरवाजा किसी ने खटखटाया और हम तीनों डर गए कि अब कौन हो सकता है? तीनो के मन में सवाल आया कि तीसरा कौन?
दादाजी ने कहा- मैं खोलता हूँ !
दादाजी ने दरवाजा खोला तो देखा कि पापा आ चुके हैं और हम तीनों को बहुत गुस्से से देख रहे थे। तभी मॉम हंसने लगी और बाद में पापा भी हंसने लगे। मैं और दादाजी चौंक गए कि ये दोनों हंस क्यों रहे हैं।