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उन्होने एक बार फिर विंडो की ओर देख कर आख मारी
थी मई समझ नही पा रहा था की वो मुझे डेक्ज़ कैसे रही है
क्योकि निगठलंप विंडो के ठीक उपेर लगा था ओर मेरी तरफ सिर्फ़
अंधेरा ही दिख सकता था ओर कुछ नही. फिर भैसाहब ने एक बॉटल
ली ओर भाभी के बूब्स ओर छूट पर कुछ माला ओर फिर उनका दूध पीने
लगे. मई समझ गया की उन्होने शहद ही लगाया होगा.

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