मुझे दर्द होने लगा तो मैने उसके लंड का सूपड़ा अपनी छूट से बाहर निकल दिया और अपनी छूट
को फिर से उसके लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया. वो बड़े प्यार से मेरी पीठ को सहलाता हुआ मुझे चूमने लगा. थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुच्छ कम हुआ तो मैने अपनी छूट को उसके लंड के सूपदे पर फिर से तोड़ा सा
दबा दिया. उसके लंड का सूपड़ा फिर से मेरी छूट में घुस गया लेकिन इस बार मुझे ज़्यादा दर्द नहीं हुआ.