अभी तु मुंह में डालने का मजा लुट। “,
कह कर तेजी के साथ मेरे लंड को चुसने लगी। मेरी तो कुछ समझ में नही आ रहा था। गुद-गुदी और सनसनी के कारण मैं मजे के सातवें आसमान पर झुल रहा था। मां ने पहले मेरे लंड के सुपाडे को अपने मुंह में भरा और धीरे-धीरे चुसने लगी, और मेरी ओर बडे सेक्षी अंदाज में अपनी नजरों को उठा के बोली,
“कैसा लाल-लाल सुपाडा है रे, तेरा ?! एकदम पहाडी आलु के जैसा।