मई रात को तो सोता
ही था भाभी के पास अब दिन मे भी मेरा समय उनके साथ बीतने
लगा. मे उनके घर के छोटे-मोटे काम कर दिया करता था ओर वो
पढ़ाई मे मेरी हेल्प करने के अलावा मेरे साथ गेम्स भी खेलती थी. 14त मे मई अचहचे नुंबरों के साथ पास हुआ. इसका क्रेडिट मेने
भाभी को दिया. सबने उनकी तारीफ़ की. अब मेरी वाकेशन्स स्टार्ट हो
चुकी थी मे भाभी के साथ ज़्यादा समय बिता सकता था.