बुआ बुरी तरह से सीत्कार रही थी। अब मैंने बुआ का पेटीकोट भी उतार कर एक तरफ़ रख दिया। बुआ अब बिलकुल नंगी थी। मेरे शरीर पर भी सिर्फ बनियान थी जो बुआ ने उतार फेंकी। अब हम दोनों जन्मजात नंगे थे। लंड तो पहले से ही लोहे की छड़ की तरह से हो चुका था। बुआ भी पूरी मदहोश थी। “अब नहीं रहा जाता राज. . . . जल्दी से कुछ कर ! नहीं तो मैं मर जाऊँगी !”
“क्या करूँ बुआ ? खुल कर बोलो ना !”
“क्या बोलू बेशर्म.