अंधेरे मे मुझे दर
लगने लगा. पर दर के मारे उठ नही पाया ओर ना ही भाभी को आवाज़
दे पाया. उनके बेडरूम से लाइट ओर उनके हासणे की आवाज़ें आ रही थी. मेने उठ कर विंडो से परदा हल्का सा हटाया लाइट के लिए ओर अपनी
आखें बंद करके लेट गया. पर चैन नही आया फिर थोड़ी देर मे
उठा ओर उधर देखने लगा. भैसाहब सिर्फ़ अंडरवेर मे थे ओर भाभी
ने कुछ भी नही पहना था.