. . मेरा मन तुझ पर आ गया है। ”
“मौसा जी, आज . . . आह मत करो ना. . . !” उसने मौसा जी हाथ अपने वक्ष पर से हटाते हुये कहा। “तुझे अच्छा लगा ना?”
“मौसा जी, बस ना, मुझे शरम आती है, हटो ना. . . . . ”
वो उस शो-रूम में तुम्हें वो ब्रा-पैन्टी का सेट अच्छा लगा था ना?
मौसा जी ने नीचे से हाथ डाल कर पेण्टी और ब्रा दिखाई.