मई निक्कर उठाने
चला तो उन्होने माना कर दिया, बोली- इतनी गर्मी मे कपड़े नही
पहनते. ऐसे ही सोएंगे ओर तुम्हे अभी मेरा दूध भी तो पीना है. फिर मई उनसे चिपक गया ओर रात को उनका दूध पीते-पीते ही सो
गया. वो मेरा लॅंड अपने हाथों मे पकड़े सहलाती रही. सुबह जब मेरी
आख खुली तो मैने देखा भाभी अभी तक सो ही रही थी उनका मूह
मेरे परों की साइड मे था ओर पेर मेरी तराफ़, शायद वो मेरा लॅंड
चूस्ते हुए ही सो गयी थी.