मई दर गया पर
भाभी मुस्कुरई ओर मेरे गाल पकड़ कर खिचते हुए बोली- ये है ही
इतना प्यारा, मेरा तो इसके बागेर समय ही नही करता. मों को हेस्ट
देख मुझे कुछ सुकून मिला. फिर हम रात को 9. 00 बजे करीब घर
वापस आए. मैं डोर बंद करते हुए उन्होने पूचछा- कैसी रही?
क्या?-मई बोला. पर वो जवाब ना दे कर मुस्कुराते हुए रूम की तरफ
चल दी.