मों-दाद के जाने के बाद भाभी ने पूछा कपड़े क्यो
लाए हो मैने कहा नहाने के बाद पहनने के लिए. बोली तो चलो
फिर नहा लो. मैने कपड़े उतरे ओर टवल लपेट कर बातरूम मे चला
गया ओर डोर ऐसे ही बंद कर लिया क्योंकि उसकी कुण्डी मेरी पहुच से
बाहर थी. मई शावर के नीचे खड़ा हुआ ही था की दरवाजा खुला
मैने देखा तो भाभी आ रही थी वो उस समय भी निघट्य ही पहने
थी.