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मेरे छूट को छूटे ही रमेश ने पहले मेरी झटों पर हाथ फिराया और अपनी बिचवाली उंगली को मेरे छूट मे घूसा दिया. रमेश अब मुझ को अपनी उंगली से छोड़ रहा था. अब मुझसे बर्दस्त नही हो रहा था, और मई अपने दोनो हाथों से रमेश का लंड पाकर लिया और उसको मसलने लगी. रमेश के मूह से शीए! शीए! की अबाज निकल रहा था. मैने रमेश का लंड पाकर कर उसका सुपरा निकल लिया और उस पर एक चुम्मा जर दिया.

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