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माला ने मेरा सिर पकड़ कर अपने रिघ्त बूब्पर रख दिया. मैं उसका इशारा समझ गया और उसके बूब को चाटनेलागा. फिर जब वो सिसकारिया भरने लगी तो मैने उसका गुलाबी निप्पल अपनेमूः मैं भर लिया. माला बोली “क्या मज़ा आ रहा है सालो और ज़ोर सेचुसो” ये सुन कर मुझे और अमित को जोश आ गया हमने और बुरी तरह सेउसके मखमली बूब्स को चूसना शुरू कर दिया.

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