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वीर्य रिसता रहा मैं उसे पोंछती रही. अचानक लगा कि कोई सिटी आने वाला है. मैंने अनिल को उठाने के लिए हिलाया पर वो सो चुका था. मैंने अपने कपड़े ठीक कर लिए. और अनिल के पेंट को ठीक करके उस पर चादर ओढा दी. बस रुक चुकी थी. धौलपुर आ गया था. यहाँ पर यात्री डिनर के लिए उतरते हैं. पर मैं एक करवट लेकर अनिल से चिपक कर सो गयी.

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