”
“क्या मां, बताओ ना ?”
“देख, अभी जैसे कि तेरा मन कर रहा है की, तु मेरे अनारो से खेले, उन्हे दबाये, मगर तु वो काम ना करके केवल मुझे घुरे जा रहा है। बोल तेरा मन कर रहा है, की नही, बोलना ?”
“हाये मां, मन तो मेरा बहुत कर रहा है। ‘
“तो फिर दबा ना। मैं जैसे तेरे औजार से खेल रही हुं, वैसे ही तु मेरे सामान से खेल।