मैने कहा,
“मां, तेरे मुंह में ही निकल जायेगा। जल्दी से अपना मुंह हटा लो। ”
इस पर मां ने अपना मुंह थोडी देर के लिये हटाते हुए कहा की,
“कोई बात नही, मेरे मुंह में ही निकाल। मैं देखना चाहती हुं की कुंवारे लडके के पानी का स्वाद कैसा होता है। ”
और फिर अपने मुंह में मेरे लंड को कस के जकडते हुए, उसने अब अपना पुरा ध्यान केवल, मेरे सुपाडे पर लगा दिया, और मेरे सुपाडे को कस-कस के चुसने लगी, उसकी जीभ मेरे सुपाडे के कटाव पर बार-बार फिरा रही थी।