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सानिया लगातार प्लीज घुसाओ ! प्लीज ! कर रही थी। मैंने फ़िर कहा- बोलो भी ! अब क्या घुसा दूँ, कहाँ घुसा दूँ, मुझे समझाओ भी जरा। सानिया सच अब गिड़गिराने लगी, बोली- चाचा, प्लीज. . . !

वो अपने हाथ से अपनी चूत सहला रही थी। मैंने भी कहा- एक बार कह दो साफ़ साफ़ डार्लिंग, उसके बाद देखो, जन्न्त की सैर करा दूंगा, बस तुम्हारे मुँह से एक बार सुनना चाहता हूँ पहले।

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