“दादी, भूरे को एक बार यहाँ बुला दो …” मैंने दादी को टोकते हुये कहा। “आजकल की लड़कियाँ ! मेरी बात तो सुन ही नहीं रही है … सारा ध्यान जवान लड़कों पर रहता है। अरे भूरे … यहाँ तो आ !”
भूरा ने अन्दर आते ही मुझे देखा और मुड़ कर वापस जाने लगा। “ऐसा क्या है भूरा, जो मुझे देख कर जा रहे हो …”
“दीदी, मुझे काम याद आ गया है …” और वो दो छंलागों में कमरे से बाहर भाग गया।