About:

हर बार अपनी बैहन के भरोसे मत रहो – समझे. ” रिया उसे समझाते हुए काहा. रिया की बात सुनकर उसका चैहरा गुस्से से लाल हो गया. उसने रिया के बालों को पकडा और मरोडने लगा. जय की इस हर्कत से रिया के हाथों से गाडी का बैलेन्स बिगड गया. बडी मुशकिल से उसने गाडी को सम्भाला. रिया को ऐहसास हुआ की वो कुछ ज़रूरत से ज़्यादा ही जय को बोल गयी थी.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*