”
“ये तो कोयी अच्छी बात नही राज!”
“नही मैं खुद देखूंगा,” राज ने काहा, “लेकिन इसके बाद. ” इतना कैहकर राज ने फिर एक बार रोमा के निप्पल अपने मुंह में ले लिये. वो उन्हें चूमने लगा, चूसने लगा, कभी अपने दांतों के बीच लेता और हल्के से काट लेटा. “ओह्ह्ह्ह्हह्ह्ह राज क्या कर रहे हो . . . . . ” रोमा मस्ती में सिसक पडी.